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वक्फ बोर्ड चेयरमैन ने किया फतेहपुर व रामगढ़ दौरा , चैयरमैन खानू खान के लिये फतेहपुर शेखावाटी की वक्फ जायजाद से कब्जा हटाना चुनौती बना।
July 1, 2020 • ।अशफाक कायमखानी।


        ।अशफाक कायमखानी।
फतेहपुर शेखावाटी।
                  सीकर जिले के फतेहपुर शेखावाटी व उसके लगते रामगढ़ कस्बे मे बडी तादाद मे मोजूद अधीकांश वक्फ जायदाद पर राजनीतिक व महासी पहुंच रखने वाले लोगो ने कच्चे-पक्के कब्जे करके आज तक सरकार व वक्फ कमेटियों को आज तक सफलतम चुनौती देते आ रहे है। फतेहपुर शेखावाटी व रामगढ़ सेठांन मे मोजूद वक्फ प्रेमियों द्वारा लगातार यहां पर वक़्फ़ सम्पतियो पर हो रहे अतिक्रमण को भूमाफियाओं से मुक्त करवाने की मांग चेयरमैन व सरकार के आला अधिकारियों से करते आ रहे है। जिस मांग के जौर पकड़ने के बाद चैयरमैन खानू खान ने स्थानीय सरकारी अमले को साथ लेकर वक्फ जायदादो का निरीक्षण व सर्वे किया तो अनेक तरह के रोचक तथ्य उजागर होने के बाद उन पर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ जल्द सख्त कार्यवाही करने का दवाब बढ गया है।


             डा.खानू खान द्वारा संज्ञान लेते हुए फतेहपुर और रामगढ़ का प्रशासन के साथ दौरा कर फतेहपुर में वक़्फ़ की नारी - बारी रोड, सालासर रोड, चूरू रोड, जयपुर रोड पर, पुराना मुसाफिर खाना एवं रामगढ़ में वक़्फ़ कब्रिस्तान जैसी बेशकीमती जमीनों का जायजा लेकर मोके पर मौजूद तहसीलदार को निर्देशित किया है कि शीघ्र इन जायदादों को अतिक्रमण को मुक्त करवा कर वक्फ बोर्ड को  सूचित करें एवं जो लोग जमीन को स्वयं की बता रहे है उन्हें सात दिन का वक़्त देकर जमीन पर काबिज लोगो से जमीन के पट्टे और रजिस्ट्री की पारदर्शिता से जांच करे दोषी पाए जाने पर ज़मीनों को मुक्त करवा कर उनपर कानूनी कार्यवाही करने को निर्देशित किया।


            डा.खानू खान ने कहा कि फतेहपुर में वक़्फ़ की बेशकीमती ज़मीनों पर भूमाफियाओं का कब्जा पूर्व की भाजपा सरकार की देन है। पूर्व की सरकार के संरक्षण के कारण और अधिकारियों की मिलीभगत का ही नतीजा है की आज भूमाफिया वक़्फ़ की जमीनों को खुर्द - बुर्द करने का कार्य कर रहे है। लेकिन अब वक़्फ़ की मिल्कियत को मिट्टी में मिलते नही देखा जाएगा। चेयरमैन ने कहा कि जकात-खैरात की जमीनों को खाने वाले इस बात की गांठ बांध लें कि ऊपर अल्लाह तुम्हे बेशुमार लानत देगा और जमीन पर राजस्थान वक़्फ़ बोर्ड कानूनी कार्यवाही कर सजा दिलाने से कतई पीछे नही हटेगा। 
         

चेयरमैन ने फतेहपुर में दरगाह हज़रत शेख सुल्तान रह. अलैह की जियारत कर उनकी वक़्फ़ मिल्कियत पर हो रहे अतिक्रमण का जायजा लिया और तहसीलदार को उक्त जायदाद को अतिक्रमण मुक्त करवा कर बोर्ड को सूचित करने के निर्देश दिये है। साथ ही मकबरा आलम अली की जमीन के रकबे की नपाई कर रिपोर्ट भेजने के लिए पटवारी को निर्देशित किया गया है इसके अतिरिक्त बेसवा रोड पर वक़्फ़ बोर्ड की बेशकीमती 45 बीघा पर हो रहे अतिक्रमण को खाली करवाने के लिए मोके पर मौजूद तहसीलदार को चेयरमैन ने निर्देशित किया है। 
         

चेयरमैन ने कहा कि रामगढ़ सेठांन हाइवे पर ईदगाह के सामने मौजूद बोर्ड की बेशकीमती जमीन पर चूरू के भूमाफिया अब्बास अली नामक व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। अतिक्रमी द्वारा न्यायलय में भी झूठे दस्तावेज पेश कर कोर्ट को बरगलाने का काम किया है जिसको बर्दाश्त नही किया जाने का दोहराया। उन्होंने कहा कि बोर्ड दोषी पर कड़ी कार्यवाही कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाने का काम करेगा। साथ ही पूर्व में बोर्ड की जमीन पर से निकले हाइवे का मुआवजा बोर्ड को आज तक नही मिलने का मामला संज्ञान में आने पर कहा कि उसपर शीघ्र सरकार से बोर्ड वार्ता करेगा। 
       

चेयरमैन ने कहा कि राजस्थान वक़्फ़ बोर्ड की जमीनों पर सामने आ रहे लगातार मामलों को देख कर वो आश्चर्य चकित है कि दरगाह, कब्रिस्तान और जकात खैरात वाली ज़मीनों को कैसे कोई व्यक्ति खाने का काम कर सकता है। व्यक्ति को सोचना चाहिए कि उसकी असल जिंदगी दुनिया मे नही वो दुनिया मे किरायदार है। आदमी को उसके गलत आमालो का एक- एक हिसाब देना है।
         

फतेहपुर शेखावाटी व रामगढ़ सेठान मे मोजूद बेशकीमती वक्फ जायदादो पर क्षेत्र मे राजनीतिक महासी व मसलस पावर रखने वालो लोगो ने कुछ लोगो से साजिश करके कच्चे-पक्के अतिक्रमण कर रखे है। अतिक्रमणकारियों के खिलाफ स्थानीय वक्फ जायदाद प्रेमियों ने आवाज समय समय पर बूलंद की भी है। एवं अभी भी लगातार कर रहे है। लेकिन सरकार की अनदेखी व वक्फ बोर्ड के लगातार जारी लचीले पन के कारण इनकी कोशिशे व आवाज अभी तक परवान नही चढ पाई है। अतिक्रमणकारियों की ऊंची पहुंच के कारण वो सत्ता के असर के कारण शहर मे मोजूद वक्फ जायदाद प्रेमियों को विभिन्न तरह के फर्जी मुकदमो मे फंसाकर या अन्य तरीकों से परेशान करके आज तक रास्ते से उन्हें दूर करने मे समय समय पर सफल होते आये है।इन सब हालातो के बावजूद क्षेत्र के सामाजिक कारकून गुलाम मोहम्मद खान, एडवोकेट अब्दुल रशीद खां आलमास, एडवोकेट इमरान खा बेसवा, व तैयब मेहराब खा जैसे अनेक लोग वक्फ जायदाद बचाये रखने के लिये सामुहिक व व्यक्तिगत प्रयास करते आ रहे है।
             

शहर मे वक्फ जायदादों को अतिक्रमण से मुक्त कराने मे संघर्षरत अनेक लोगों ने बताया की शहर के पोश इलाके के साथ साथ जयपुर-बीकानेर हाइवे के अलावा मेघा हाइवे पर हजारो बीघा व कोमर्सियल वक्फ की जमीनो पर अवेध कब्जे हो रखे है। अगर वक्फ बोर्ड हिम्मत करके इमानदाराना रुख अपना इनमे से आधी जमीन भी एक दफा अतिक्रमणकारियों से खाली कराने मे कामयाब हो जाता है तो उन जायदादो की मामूली आमद से क्षेत्र मे बडा अस्पताल, स्कूल-कालेज के अलावा अनेक तरह के फलाई काम आसानी से अंजाम दिये जा सकते है।
           

कुल मिलाकर यह है कि वक्फ बोर्ड चेयरमैन खानू खान को फतेहपुर व रामगढ़ सेठान की बेशकीमती वक्फ जायदाद को बचाने व अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराने को चुनौती के रुप मे स्वीकार करके उस पर समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल करना चाहिए। इसके विपरीत अतिक्रमणकारी अपने अतिक्रमण को बचाने के लिये पहले चांदी के जुते का फिर राजनीतिक एवं उसके बाल मसलस पावर का उपयोग करने का हमेशा की तरह कोशिश करेगे।