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लखनऊ : कांग्रेस सेवादल मध्य जोन ने नई शिक्षा नीति के विरोध में जलाई नई शिक्षा नीति के अध्यादेश की प्रतियों
September 5, 2020 • रिपोर्टर्स डाइजेस्ट डेस्क

लखनऊ ::  अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल के आवाहन पर आज उ0प्र0 कांग्रेस सेवादल मध्य जोन द्वारा केन्द्र सरकार की नई शिक्षा नीति का शिक्षक दिवस के अवसर पर विरोध करते हुए नई शिक्षा नीति के अध्यादेश की प्रतियों की होली जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। 

उ0प्र0 कांग्रेस सेवादल मध्य जोन के अध्यक्ष राजेश सिंह काली ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा जो नई शिक्षा नीति बनाई गयी है उसमें कई विसंगतियां हैं जिससे विद्यार्थियों का जीवन अंधकारमय हो जाएगा। इन विसंगतियों को दूर करने के लिए कांग्रेस सेवादल द्वारा कोरोना महामारी को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए आज शिक्षक दिवस पर लखनऊ में डा0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र के साथ- जन जन का है यह अधिकार, शिक्षा से मत करो खिलवाड़, ‘शिक्षा नीति का आधार, बीजेपी करती है व्यापार‘ ‘शिक्षा जीवन का आधार उसके बिना सब कुछ है बेकार’, आदि नारांे के साथ व्यापक विरोध प्रदर्शन उ0प्र0 कंाग्रेस सेवादल मध्य जोन के अध्यक्ष राजेश सिंह काली के नेतृत्व में किया गया। 

 काली ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि - 1. भारत के संविधान की धारा 21 ए में 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा उल्लेखित है जो कि इस आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है। घोषित राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 इस अधिकार का हनन कर रही है। 2. इस नीति द्वारा सरकार शिक्षा के अपने दायित्व से पल्ला झाड़ते हुए बाजारीकरण मार्ग प्रशस्त कर रही है तथा दुभांत शिक्षा प्रणाली अर्थात एजूकेशन फार क्लासेज एण्ड लिटरेसी फार मासेज को बढ़ावा दे रही है। 3. इस शिक्षा नीति सम्बन्धी नियामक स्वायत्त संस्थाओं को ध्वस्त कर केन्द्रीयकृत व्यवस्था बनायी जा रही है जो देश के संघीय ढांचे पर प्रहार है। इस प्रकार राज्यों की स्वायत्ता को समाप्त करने का षडयंत्र है। 4. शिक्षा में साम्प्रदायिक संघवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है जिसे तुरन्त रोका जाए।

 काली ने कहा कि शिक्षा नीति में देश की विविधता के परिपे्रक्ष्य में सभी को एक समान शिक्षा प्रदत्त करने के समान खाके को नकारा गया है। वर्तमान में लागू त्रिभाषा व्यवस्था को यथावत रखा जाये एवं बाजार के लिए सस्ते श्रमिक तैयार करने के बजाए जीवन कौशलता की शिक्षा पर जोर दिया जाये। 

विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से उपस्थित स्वयंसेवकों में सर्वश्री सुशील तिवारी, संजीव सिंह, आलेख पाण्डेय, शिवम श्रीवास्तव, शहर अध्यक्ष जीवन श्रीवास्तव, राकेश तिवारी, सुनील शर्मा, नेकपाल यादव, सरवन रावत, रिंकू गौतम आदि उपस्थित रहे।