ALL Political Crime Features National International Bollywood Sports Regional Religious Other
जयपुर : मुख्यमंत्री निवास पर हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में वैश्विक महामारी कोरोना से उपजे संकट का मजबूती से मुकाबला करने के लिए कई निर्णय लिए गए।
March 31, 2020 • Ashfaq Kayamkhani

जयपुर।
   आज मुख्यमंत्री निवास पर हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में वैश्विक महामारी कोरोना से उपजे संकट का मजबूती से मुकाबला करने के लिए कई निर्णय लिए गए।
     बैठक में बताया गया कि लॉक डाउन के कारण प्रदेश में अधिकतर औद्योगिक इकाइयां एवं व्यावसायिक गतिविधियां बंद हैं। साथ ही राजस्व अर्जन से संबंधित कई विभागों में भी कामकाज प्रभावित हुआ है। इससे मार्च माह में अनुमानित 17 हजार करोड़ रूपए के राजस्व अर्जन में बड़ी कमी आई है। न केवल राजस्थान बल्कि लगभग सभी राज्यों में राजस्व अर्जन में गिरावट आई है। 
मंत्रिपरिषद ने यह निर्णय किया कि मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, समस्त विधायकगण के मार्च माह के सकल वेतन (ग्रोस सैलेरी) का 75 प्रतिशत हिस्सा स्थगित (डेफर) रखा जाएगा।
इसी तरह अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों का मार्च माह का 60 प्रतिशत वेतन, राज्य सेवा एवं अधीनस्थ सेवा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का 50 प्रतिशत वेतन तथा चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को छोड़कर अन्य कार्मिकों का मार्च माह के सकल वेतन (ग्रोस सैलेरी) का 30 प्रतिशत वेतन स्थगित रखा जाएगा। साथ ही सेवानिवृत्त पेंशनर्स की मार्च माह की सकल पेंशन का 30 प्रतिशत हिस्सा भी स्थगित रखा जाएगा। परन्तु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के सभी संवर्गों के अधिकारियों-कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तथा संविदा एवं मानदेय पर कार्यरत कार्मिकों को वेतन स्थगन से मुक्त रखा गया है। 
मंत्रिपरिषद ने निर्णय किया कि संकट की इस घड़ी में 36 लाख 51 हजार बीपीएल, स्टेट बीपीएल एवं अंत्योदय योजना के लाभार्थियों, 25 लाख निर्माण श्रमिकों एवं पंजीकृत स्ट्रीट वेण्डर्स जो कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के दायरे में नहीं आते हैं, उन्हें पूर्व में एक हजार रूपए की अनुग्रह राशि दी गई थी। इन वर्गों को और संबल देने के लिए 1500 रूपए की राशि और दी जाएगी। इस पर 500 करोड़ रूपए व्यय होंगे। इससे उन्हें अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल सकेगी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश में साामजिक सुरक्षा पेंशन के 78 लाख लाभार्थियों को मार्च माह की पेंशन का वितरण एक अप्रेल से प्रारम्भ हो जाएगा। एक सप्ताह में सभी लाभार्थियों को पेंशन वितरण का कार्य पूरा किया जाएगा। इस पर राज्य सरकार करीब 700 करोड़ रूपए वहन करेगी। फरवरी माह तक की पेंशन के रूप में 700 करोड़ रूपए का भुगतान भी राज्य सरकार ने इस सप्ताह ही किया है।