ALL Political Crime Features National International Bollywood Sports Regional Religious Other
घर लोट चुके मजदूरों व गरीबो को वापस लोटने की बजाय कुछ समय तक घर ही रहना चाहिए।
April 9, 2020 •  ।अशफाक कायमखानी।


जयपुर।
              कोराना वायरस व लोकडाऊन के चलते फ्लैट व बंगलो मे आरामदायक जीवन जीने वालो मे से अधिकांश लोगो ने उनके यहां झाड़ू-पोंचा, साफ-सफाई व कपड़े धोने वालो के अलावा किचन मे फरमाईस अनुसार खाना बनाकर देने वाले मजदूर-गरीबो को एक मिनट मे उनके हाल मे जीने के लिये छोड़ने के बाद उन मजदूरों के सामने भूख से तड़फ तड़प कर मरने या फिर जगह छोड़कर गावं जाने के अलावा जब उन्हे कोई अन्य विकल्प नजर नही आया तो उन्होंने गावं साधन व पैदल जाना ही उचित समझा। भवन निर्माण ठेकेदार व उधोग संचालक ( फेक्ट्री मालिक) कार्यरत मजदूरों को उनके हाल मे छोड़ भागे। इसी बीच एक सुखद खबर यह जरूर आ रही थी कि किसान के खेत मे जो मजदूर बंटाईदार या मजदूरी का काम करते थे। उन सबको को किसानों ने शेल्टर व हर जरुरियात की चीजे उपलब्ध करने मे कोई खसर नही छोड़ी। तभी किसान के यहां काम करने वाले मजदूरों की भगदड़ देखने को नही मिली।
               अचानक हुये लोकडाऊन के कारण मजदूर व गरीबो को अनेक तरह के जो खट्टे-मिठ्ठे अनुभव हुये है, उन अनुभवों को जीवन भर याद रखकर आगे की रणनीति जरूर बनानी चाहिए।ताकि विपत्ति मे परेशान लोग अपनी परेशानी कम करने का आईडिया जरुर समय रहते भविष्य मे काम ले सके। कोराना-19 का प्रकोप एक न एक दिन खत्म जरूर होगा। लोकडाऊन भी खत्म होगा। उसके बाल मजदूरों-गरीबो आपकी याद जरूर इनको सतायेगी। उस वक्त आप कुछ दिन ओर घर रुकने का तय करलेगे या गावं मे ही जीवनयापन का साधन तलाश लोगो तो एक यह बडा कदम साबित हो सकता है।
           लोकडाऊन के बाद बने असमंजस के माहोल मे अपने अपने स्वामियों जजमानो व सेठ साहिबानो द्वारा अपने हाल पर छोड़ दिये जाने वाले मजदूरों--गरीबो धन्यवाद देना उन लोगो को जिनहोने आपके मुशीबत की घड़ी मे खाने को सामन दिया, पैदल सेंकड़ो किलोमीटर पैदल चलते समय रास्ते मे पानी पिलाया ओर जो कुछ बन पड़ा खाने को दिया। उन पुलिस वालो का भी शुक्रीया अदा करना जिन्होंने घर से पहले चिकित्सा जांच करवाने को मजबूर करके कोराना वायरस की चपेट से बचाया। साथ ही उन चिकित्सा कर्मियों को भी धन्यवाद देना जिन्होंने हर पल घर आने के सफर व घर पहुंचने के बाद भी पुरी जांच करके भला काम किया। साथ ही उन लोगो को भी जीवन मे याद रखना कि भूख से तड़फने की नोबत आने पर आपको भोजन का निवाला देने की भरसक कोशिशे की है।