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एफसीआई से बाजार भाव से खरीदकर साठ लाख लोगो को फ्री गेहूं उपलब्ध करवायेगी गहलोत सरकार।
April 22, 2020 •  ।अशफाक कायमखानी।


जयपुर।
           मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना महामारी से उपजी संकट की इस घड़ी में किसी व्यक्ति को भूखा नहीं सोना पड़े, इसके लिए राज्य सरकार एफसीआई से बाजार दर पर गेहूं खरीदकर खाद्य सुरक्षा से वंचित प्रदेश के 54 लाख पात्र लोगों एवं निराश्रित व्यक्तियों समेत करीब 60 लाख जरूरतमंदों को दस-दस किलो निशुल्क गेहूं उपलब्ध कराएगी। वर्तमान में केन्द्र सरकार वर्ष 2011 की जनगणना को आधार मानकर ही राज्य को गेहूं का आवंटन कर रही है। जबकि बीते सालों में खाद्य सुरक्षा की पात्रता के दायरे में 54 लाख लोग और आ गए हैं। मैंने इन लोगों को एनएफएसए की सूची में शामिल कर अतिरिक्त गेहूं का आवंटन करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भी लिखा है।
                 मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मीडियाकर्मियों के साथ  अशोक गहलोत के संवाद करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री की 27 अप्रैल को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस प्रस्तावित है। केन्द्र अन्य राज्यों में फंसे राजस्थान के प्रवासी कामगारों, श्रमिकों, छोटे दुकानदारों को घर आने की छूट दे।  प्रधानमंत्री से बातचीत में मुख्यमंत्री ने इसकी पुरजोर मांग करने को कहा। 
              मुख्यमंत्री ने बताया कि लॉकडाउन के कारण तंबाकू, गुटखा एवं शराब बेचने पर पाबंदी है। अगर कोई बेचता पाया गया तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसी तरह सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, मास्क नहीं लगाने, धारा 144 के उल्लंघन आदि पर भी आर्थिक दंड लगाया जाएगा। सरकार लॉकडाउन का उल्लंघन किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। कुछ शरारती लोग लॉकडाउन एवं कर्फ्यू वाले क्षेत्रों में किसी समुदाय विशेष को छूट दिए जाने की अफवाहें एवं झूठ फैला रहे हैं। ऐसे लोगों को समझना चाहिए कि सरकार का एक ही लक्ष्य है कैसे प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा की जाए। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि किसी भी वर्ग का व्यक्ति क्यों नहीं हो, अगर वह नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे बख्शा नहीं जाए। 
             मॉडिफाइड लॉकडाउन लागू होने के बाद औद्योगिक इकाइयों को सुनियोजित ढंग से शुरू किए जाने के प्रयास किए हैं। जिसके चलते सरकार की उम्मीद से अधिक औद्योगिक इकाइयों ने काम शुरू कर दिया है। इनमें कई बड़ी इकाइयां भी शामिल हैं। यह एक शुभ संकेत है। उल्लेखनीय है कि भीलवाड़ा, उदयपुर, अलवर, जोधपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा समेत प्रदेश के कई जिलों में औद्योगिक गतिविधियां प्रारंभ हुई हैं। भीलवाड़ा में करीब 40 इकाइयों तथा उदयपुर में 50 इकाइयों ने काम शुरू किया है जिनमें करीब 13 हजार श्रमिक नियोजित हुए हैं। हिंदुस्तान जिंक, जिंदल शॉ, अल्ट्रा टेक, हीरो मोटोकॉर्प, केईआई लिमिटेड, डाइकिन सहित कई बड़ी कम्पनियों ने अपनी गतिविधियां प्रारम्भ कर दी हैं। 
मुख्यमंत्री ने कहा की उनकी सरकार ने जरूरतमंद पाक विस्थापितों को भी राशन सामग्री एवं अन्य सहायता उपलब्ध करवाई है। जयपुर, जोधपुर, पाली, जालौर, सिरोही, बाडमेर, जैसलमेर समेत प्रदेश में रह रहे पाक विस्थापितों को राशन सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए जिला कलक्टरों को निर्देश दिए थे। करीब 4 हजार पाक विस्थापित परिवारों को राशन सामग्री मुहैया कराई गई है।