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डा0 नवनीत सहगल ने मेडिकल इक्यूपमेन्ट व दवाईयों का निर्माण करने वाली प्रमुख इकाइयों से स्वयं दूरभाष पर वार्ता कर उत्पादन की ली गयी जानकारी
March 28, 2020 • रिपोर्टर्स डाइजेस्ट डेस्क

लखनऊ :: उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के प्रमुख सचिव डा0 नवनीत सहगल ने प्रदेश में लाॅक डाउन की स्थिति में मेडिकल इक्यूपमेन्ट व दवाईयों आदि का निर्माण करने वाली इकाइयों से स्वयं दूरभाष पर वार्ता करके इकाई में उत्पादन सुनिश्चित कराने का प्रयास किया । उन्होंने बताया कि मेडिकल इक्यूपमेंट का निर्माण करने वाली वाली 485 इकाईयों को चिन्हित किया गया, इनमें से 165 इकाईयों से सम्पर्क किया गया, जिसमें से 16 इकाईयां क्रियाशील पायी गयीं, जबकि कुछ इकाईयां नान-फंक्शनल थी, जिनको क्रियाशील कराये जाने के लिए हर सम्भव सहयोग प्रदान करने निर्देश अधिकारियों को दिए गय हैं।
प्रमुख सचिव ने बताया कि आवश्यक वस्तुएं बनाने वाली इकाइयों के लिए संचालित कण्ट्रोल रूम में अभी तक कुल 72 समस्यायें प्राप्त हुई, जिनमें से 14 प्रकरण श्रम विभाग से संबंधित थे तथा 17 प्रकरण सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग तथा 41 प्रकरण स्थानीय लाजिस्टिक्स, पास, स्वास्थ्य आदि से सम्बन्धित हैं। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग तथा श्रम विभाग से संबंधित प्रकरणों का संबंधित विभागों से समन्वय करते हुए अधिकांश का निस्तारण कराया जा चुका है।
डा0 सहगल ने बताया कि प्रदेश में स्थापित फ्लोर मिलों/आटा चक्कियों के संचालन की सूचना प्राप्त की गयी। अद्यतन प्राप्त जानकारी के अनुसार 639 फ्लोर मिलों में से 399 मिलों से सम्पर्क किया गया, जिसमें 118 मिलों का संचालन हो रहा है, 18 मिलें गेहूं के अभाव में पूरी क्षमता से कार्य नहीं कर पा रही हैं। 61 इकाईयां बन्द हैं जिन्हें शीघ्र ही संचालित किये जाने के प्रयास किये जा रहे है। साथ ही इकाइयों को गेहूं की उपलब्ध सुनिश्चित कराने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग से समन्वय स्थापित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये हैं।
प्रमुख सचिव ने बताया कि श्रमिकों के वेतन भुगतान हेतु प्रदेश के प्रमुख 44 जनपदों की लगभग 59622 इकाईयों में से लगभग 7451 इकाईयों से सम्पर्क किया गया, जिनमें से लगभग 6411 इकाईयों द्वारा वेतन का वितरण किया जा चुका है तथा लगभग 1040 इकाईयों द्वारा अवगत कराया गया कि मजदूरी का भुगतान कराया जा रहा है। माह मार्च के भुगतान हेतु जारी शासनादेश के अनुसार सभी जनपदों में एमएसएमई एवं श्रम विभाग द्वारा सम्बन्धित को पास जारी कराने हेतु जिला प्रशासन से समन्वय किया जा रहा है।