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चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों को दिए निर्देश
March 27, 2020 • रिपोर्टर्स डाइजेस्ट डेस्क
लखनऊः प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज यहां योजना भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के 24 राजकीय तथा 27 निजी मेडिकल कॉलेजों के चीफ एग्जीक्यूटिव एवं प्रधानाचार्यो को कोरोनावायरस से निपटने  तथा उनकी तैयारियों के संबंध में निर्देश दिया। श्री सुरेश कुमार खन्ना ने निर्देश दिया कि आइसोलेशन एवं क्वारेन्टाइन के संबंध में जो भी लक्ष्य दिया गया है उसको हर हाल में पूरा किया जाए। 
       श्री खन्ना ने कहा कि किसी भी प्रकार की कमी कोरोना वायरस से निपटने में हमारे लिए बाधा नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को दूसरे की सेवा करनी चाहिए। उन्होने कहा कि हमे आप सभी डाक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ तथा स्वास्थ्य से जुडे़ हुए कर्मचारियों पर गर्व है आप सभी पूर्ण मनोयोग से आपने दायित्वों का निर्वह्रन करते हुए करते हुए इस संकट की घड़ी में अपना पूरा योगदान दे। उन्होने कहा कि ऐसी परिस्थिति बार बार नहीं आती है इस महामारी से निजात दिलाना हमारी और आपकी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाए, यही हमारी आप लोगों से अपेक्षा है।
  उन्होंने कहा कि अभी तक जो हमारे सामने मरीजों की स्थिति के अनुसार 49 कोरोना पॉजिटिव पेशेंट डिक्लियर किए गए हैं उनमें से 14 मरीज ठीक होकर घर भी चले गए। हम निश्चित रूप से यह बात कह सकते हैं कि  आवश्यकता से ज्यादा हमारी तैयारी है। समय रहते हुए इसके लिए और अधिक तैयारी कर लें ताकि मरीजों की यदि संख्या बढ़ती है तो हम हर प्रकार से उनको सुविधा दे सकें।  निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश में इस बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए अभी तक हम कामयाब हुए हैं और आगे भी हम कामयाब होंगे और प्रदेश में हर स्तर से सतर्कता बरती जा रही है।
उन्होंने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेजों से निरंतर संपर्क स्थापित किया जा रहा है जहां भी कोई मरीज आता है उसके समुचित इलाज की व्यवस्था की जा रही है।  उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश  में कुल आठ डायग्नोसिस सेंटर काम कर रहे हैं और तीन अन्य डायग्नोसिस सेंटर स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में स्थापित 8 प्रयोगशालाओं में से बीएचयू और अलीगढ़ भारत सरकार की हैं बाकी पांच राज्य सरकार की जिसमें से केजीएमयू, पीजीआई, सैफई मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज और मेरठ मेडिकल कॉलेज में डायग्नोसिस सेंटर बनाया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में आर्मी की भी एक प्रयोगशाला है। इसके साथ ही प्रदेश में डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ, झांसी मेडिकल कॉलेज और प्रयागराज मेडिकल कॉलेज में भी शीघ्र ही डायग्नोसिस सेंटर के रूप में स्थापित हो जाएंगे। इस प्रकार हमारी टेस्टिंग फैसिलिटी कुल मिलाकर 11 हो जाएगी।
    प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री रजनीश दुबे ने कहा कि इस समय हम सब  पूरे स्टाफ के लिए कर्म योगी बनने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिस परमात्मा से संपूर्ण प्राणियों की प्रवृत्ति और उत्पत्ति होती है, जिसमें  सारा संसार व्याप्त है उस परमात्मा का अपने मानव सेवा के द्वारा पूजन करके मनुष्य सिद्धि को प्राप्त करता है। सेवा भाव एवं मानव मात्र कि सेवा से ही परमपिता परमात्मा की सिद्धि प्राप्त हो होती है। मानव सेवा ही असली सेवा है और पूजा भी है।