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बिग ब्रेकिंग : अयोध्या मामले में सभी 32 आरोपी बरी
September 30, 2020 • रिपोर्टर्स डाइजेस्ट डेस्क

लखनऊ : अयोध्या मामले में सभी 32 आरोपी बरी , न्यायालय ने माना कि घटना अचानक हुई थी , मस्जिद गिराने की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी , कोर्ट ने सभी 32 आरोपियों को बरी किया , मामले में लालकृष्ण अडवाणी , मुरलीमनोहर जोशी समेत 49 आरोपी थे  जिसमे 17 की मौत हो चुकी है।  38 आरोपियों पर अदालत ने आज फैसला सुनाया जिन्हे बरी कर दिया गया। फैसला सुनाने वाले जज एस.के. यादव का आज ही हो रहा है कार्यकाल।

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सभी 32 अभियुक्तों को बरी कर दिया है।विशेष न्यायाधीश ने फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि इस मामले में कोई ठोस सबूत नहीं है।न्यायाधीश ने साथ ही कहा कि ये विध्वंस सुनियोजित नहीं था6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में जो हुआ उस पर सीबीआई की विशेष अदालत ने बुधवार को अपना फैसला सुनाया। विशेष अदालत ने पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार समेत कुल 32 आरोपियों को बरी कर दिया है। मुस्लिम पक्ष हाईकोर्ट जाएगा।

मुस्लिम पक्ष की तरफ से जफरयाब जीलानी ने कहा कि ये फैसला कानून और हाईकोर्ट दोनों के खिलाफ है। विध्वंस मामले में जो मुस्लिम पक्ष के लोग रहे हैं उनकी तरफ से हाईकोर्ट में अपील की जाएगी।

CBI कोर्ट के फैसले पर बोले- कल्याण सिंह, पूरा देश खुश है। बाबरी मस्जिद विध्वंस केस पर सीबीआई अदालत का फैसला आने के बाद यशोदा हॉस्पिटल गाजियाबाद में भर्ती पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने खुशी जताई। उनके बेटे एटा सांसद ने पूर्व सीएम का बयान  को बताया। उन्होंने कहा इस फैसले से सिर्फ हम ही नहीं आज पूरा देश खुश है। सोलहवीं सदी में मुग़ल बादशाह बाबर के दौर में बनी बाबरी मस्जिद को 6 दिसंबर, 1992 को कारसेवकों की एक भीड़ ने ढहा दिया था. इसके बाद पूरे देश में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया, हिंसा हुई और सैंकड़ों की संख्या में लोगों की जानें गईं। उसके बाद बाबरी मस्जिद विध्वंस के मामले में दो एफ़आईआर दर्ज किए गए. पहली, इसे गिराने वाले कारसेवकों के ख़िलाफ़, तो दूसरी बीजेपी, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल और आरएसएस से जुड़े उन 8 लोगों के ख़िलाफ़ थी जिन्होंने रामकथा पार्क में मंच से कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था। दूसरे एफ़आईआर में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, वीएचपी के तत्कालीन महासचिव अशोक सिंघल, बजरंग दल के नेता विनय कटियार, उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा, मुरली मनोहर जोशी, गिरिराज किशोर और विष्णु हरि डालमिया नामज़द किए गए थे।